स्‍थापना

प्रत्येक शाखा, प्रभावशाली एवं दक्ष सेवाएं प्रदान कर रही है और नतीजतन, अलग-अलग व्यक्ति के विकास और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है.

स्वर्गीय श्री ए.बी. शेट्टी और अन्य उद्यमशील किसानों ने 23 अक्तूबर, 1931 को कर्नाटक राज्य के मंगलूर शहर में विजया बैंक की नींव डाली. संस्थापकों का मूल उद्देश्य था, कर्नाटक राज्य के दक्षिण कन्नड ज़िले के किसान समुदाय में बैंकिंग की आदत डलवाना, मितव्ययिता का महत्व समझाना और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना. 1958 में विजया बैंक, एक अनुसूचित बैंक हुआ.

1963-68 के दौरान नौ छोटे-छोटे बैंकों के विलयन के साथ, विजया बैंक, धीरे-धीरे अखिल भारतीय स्तर के एक बहुत बड़े बैंक के रूप में उभरा. विलय प्रक्रिया को सफलता से अमल में लाने और बैंक को तरक्की के रास्ते पर लाने का श्रेय श्री एम. सुंदर राम शेट्टी को जाता है, जो उस समय बैंक के मुख्य कार्यपालक थे. 15 अप्रैल, 1980 को बैंक का राष्ट्रीयकरण हुआ.